Corona महामारी में गायब रोजगारी

Corona
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  1. Corona महामारी में गायब रोजगारी

आज हम बात करेंगे पिछले 1 साल से अब तक इस कोरोना (Corona) के कारण क्या क्या घटित हुआ।

Corona: सब से पहले हम आपको बताते हैं कि पिछले साल भारत मे कोरोना नाम महामारी ने दस्तक दिया था महीना February का था भारत मे पहला case आया था।

फिर 22 मार्च 2020 को भारत मे हमारी सरकार ने पहला lockdown लगाया और ये lockdown सरकार ने सिर्फ कोरोना से बचने के लिए लगाया था पर ये lockdown कोरोना से तो बहुत हद तक बचा लिया लेकिन गरीब और मीडिल क्लास फैमिली के सपनों पर lockdown हो गया।

इस महामारी से आज एक साल बाद भी हमको छुटकारा नही मिल पा रहा हैं और हम आज भी अपने सपनो की कल्पना करने से बच रहे हैं।

जब पहला lockdown हुवा था तो किसी ने नही सोचा था कि ये उनके आर्थिक स्थिति पर lockdown हो रहा हैं बहुत से छोटे कारोबार बंद गो गए बहुत से लोगो की जॉब चली गयी और बहुत से लोगो ने अपने सोचने के तरीके को बदल लिया।

हम बात करते हैं उन condition की जिसमे इस कोरोना ने लोगो की जिंदगी से खुशियों को दबा दिया।

1- सब से पहले बात करते हैं आर्थिक स्थिति पर

जैसे आप सब को पता हैं कोरोना से लड़ने में सरकार ने बहुत सा पैसा गरीबों और असहाय लोगो की मदद में खर्च कर दिया था तो ऐसे में महंगाई तो बढ़नी थी और बढ़ी भी लेकिन महगाई के साथ मे जिन लोगो को बेरोजगार होना पड़ा उनके लिए ये lockdown एक अभिशाप की तरह रहा।

नौकरियाँ Market से जैसे गायब हो चुकी हैं आज प्राइवेट कंपनियों में ऐसी कंडीशन हैं की वो सोचती हैं कि उनको employee बहुत ही कम cost में मिल जाये भले उनके employee की जरूरत पूरी हो या न हो ।

जितनी भी कंपनी हैं सब अपने employee के डर को पहचान चुके हैं और उनसे double work करा रहे हैं साथ मे डराते भी रहते हैं कि कोरोना में नौकरी गयी तो कही मिलेगी भी नही और ऐसा हो भी रहा हैं।

सरकारी नौकरी वाले लोग इस बात से परेशान हैं ही उनको पूरी सैलरी नही मिल रही हैं।

ऐसे में अगर 2021 में भी कोई lockdown जैसी स्थिती बनी तो उन सब नौकरी पेशा लोगो और नए कारोबार की शुरुआत किये लोगो को एक बार फिर से करो या मरो वाली स्थिति में जाना होगा।

2- Lockdown में school और बच्चों की पढ़ाई

जैसे हम सब लोग पिछले 1 साल से देख रहे हैं कि सभी school की classes बंद चल रहे हैं और school business जैसे रुक सा गया हैं कुछ school online classes के नाम पर बच्चो के भविष्य को बचाने का प्रयास जरूर कर रहे हैं लेकिन बच्चों को इनसे कोई लाभ नही मिल रहा हैं।

हमने इन online classes के दौर में देखा कि जिन माँ बाप के पास income resource अच्छा हैं वो अपने बच्चो को तो अच्छी शिक्षा देने में कुछ हद तक सफल हैं पर हम उन बच्चों के बारे में सोच ही नही रहे हैं जिनके माँ बाप कर पास पैसों की तंगी हैं वो अपने बच्चों के लिए online class resource जैसे mobile , laptop & table की व्यवस्था नही कर सकते हैं और ना ही online classes की fee को दे सकते हैं।

क्या हमारा समाज सिर्फ कुछ पढ़े लिखे बच्चों के साथ ही भविष्य में आगे बढ़ सकता हैं और अगर ऐसा हैं यो क्यों लोगो का कहना हैं कि पढ़ाई हर बच्चे का अधिकार हैं।
सवाल बहुत से हैं जिनको हम उठा सकते हैं लेकिन ज्यादा गहराई में जाने के बजाए अगर हम लोग इस महामारी से बचने का उपाय करें तो अच्छा रहे।

Corona ने लोगो के जीवनशैली को बदल कर रख दिया हैं ।

3 – corona के प्रति सामाजिक नज़रिया

अब हम कोरोना और lockdown के प्रति सामाजिक नज़रिये पर बात करते हैं , हम सब जानते हैं 22 मार्च 2021 को जब पहला lockdown लगा तो हमारे समाज मे एक नई emergency को देखने का मौका हम सबको मिला।

Lockdown एक नई राजनीत करने का मुद्दा बनता गया कभी किसी को लगा कि lockdown नही होना चाहिए था क्योंकि अगर lockdown लगेगा तो इसमें सरकार के व्यक्तिगत फायदा हैं,

पर हम अगर अपने अंदर झाँक कर देखे तो शायद हमको लगेगा कि Lockdown जरूरी था क्योंकि Lockdown किसी व्यक्तिगत फायदे के लिए नही सामाजिक फायदे के लिए लगाया गया था।

आईये हम जानते हैं क्यों ये एक सामाजिक फायदा था और क्या राजनीतिक फायदे के लिये लोग भोली भाली जनता को गुमराह करने पर लगे हैं।

1- अगर Lockdown एक व्यक्तिगत फायदा था तो पूरे विश्व मे क्यों लगया गया।

2- क्या पूरे विश्व की सरकार इसको अपने राजनीतिक फायदे के लिए लगा कर अपने देश की जनता को धोखा दिया था।

3- अगर ये हमारे देश में राजनीतिक फायदे के लिए लगाया गया था तो उन विपक्षी दल के लोग जो इसका विरोध कर रहे थे उन्होंने क्यों lockdown के समय अपने घर में बैठ कर समय बिताया।

हम सब लोग खुद से सोचे कि हमको इस महामारी में खुद को बचाते हुए अपने आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ ऐसा करना है जिससे कि हमारी नई पीढ़ी पर इस महामारी के कारण कुछ खास असर न पड़े।

 

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