विकास की गाड़ी पर लॉकडाउन का ब्रेक

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विकास की गाड़ी पर लॉकडाउन का ब्रेक

देशव्यापी लॉकडाउन और कोरोना महामारी ने देश की विकास योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।करोड़ों रुपए की पचासों विकास योजनाएं फिलहाल ठप है। नहर,बांध,सड़क, पुल,भवनों के अलावा कई बड़े प्रोजेक्ट्स में भी लॉकडाउन के कारण काम बन्द कर दिए गए हैं।कई को तो स्थगित कर दिया गया है।निर्माणाधीन कितनी योजनाओं को अधर में लटका दिया है।वैसे भी देश में निर्माण कार्यों की गति धीमी रहती है उसमें से यह बन्दी इसपर बुरा असर डालेगी ही।सांसदों और विधायकों द्वारा अपनी राशि को महामारी के लिए लगाए जाने से भी कार्य फंस गए हैं।देश में विकास दर 30 साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है।जब दुनिया में ही मंदी की आशंका है तो भारत पर भी इसका असर होगा ही। कोविड 19 महामारी का सीधा प्रभाव भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है।ऐसी स्थिति में विकास तो गर्त में जाएगा ही।
लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाइंस में निर्माण कार्यों को दोबारा शुरू करने की योजना है।जिससे कुछ हद तक आर्थिक हालात को सुधारा जा सके।अर्थ और विकास एक दूसरे के पूरक हैं।आज देश में यह दोनों ही अधर में है।
2020तक भारत सरकार का लक्ष्य था कि देश के सभी गांव सड़कों द्वारा जोड़ दिए जाएंगे।अब जब देश के सामने एक नई चुनौती आ गई है ऐसी स्थिति में इसकी कोई संभावना नजर नहीं आ रही। कोविड का असर शिक्षा,पर्यटन,संस्कृति,मनोरंजन,व्यापार इन सभी पर पड़ रहा है।विद्यार्थियों की परीक्षाएं रुकी हैं,पर्यटन स्थल बन्द पड़े हैं, तीज त्यौहारों को भी घर में बंद हो कर मनाना पड़ रहा है।शादी विवाह के अवसर पर सामाजिक दूरी के पालन के कारण लोग लग्न टाल रहे हैं,जिसका असर व्यापार पर पड़ा है। कोविड 19 महामारी ने एक नई तरह की संस्कृति को जन्म देना शुरू कर दिया है।तकनीकी का विकास इसका एक परिणाम है।नए,आधुनिक एप के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पहली बार देखने को मिली है।इंटरनेट सेवाओं में बढ़ोतरी हुई है।देश में आधे से अधिक कार्य घर बैठे,तकनीकी के प्रयोग से हो रहे हैं।ऑनलाइन पढ़ाई तो हो ही रही है साथ है ऑनलाइन परीक्षाओं की भी तैयारी है।
यह महामारी एक तरफ़ अनेकों समस्याओं को जन्म दे रही है,वहीं उपाय भी ढूंढे जा रहे हैं।भारत का आने वाला भविष्य स्मार्ट होने वाला है।डिजिटल भारत को अबतक जितनी गति नहीं मिली, लॉकडाउन में उसकी पूर्ति हो गई है। कोरोना के बढ़ते मामलों को भारत ने जिस तरह संभाला है और अपनी आत्मनिर्भरता का परिचय दिया है वह सराहनीय है।

 

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