बिजली खराब होने की परंपरा से परेशान माधोराम का पूरा

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छोटी सी आंधी हो या हल्की बारिश बस बिजली खरब होने का बहाना चाहिए बलरामपुर के एक छोटे से फिटर पर।
JE कश्यप जी एक होनहार और कर्तव्यनिष्ठ ब्यक्ति हैं , लेकिन उनके बाकी के कर्मचारी उनको ढेंगा दिखाते हुवे अपने मनमानी करने से बाज नही आते हैं।
ये समस्या इस गांव की बहुत पुरानी और कष्टकारी हैं।
यहाँ अगर थोड़ा सा हवा का छौका भी आ जाये तो यहाँ पर लाइट खराब हो जाती हैं। इस समस्या का न तो कोई स्थायी समाधान निकलने की कोशिश की जा रही हैं और न ही इसको समय से ठीक किया जा रहा हैं।
थोड़े से पैसों के लिए पूरे इलाके के लोग इस भीषण गर्मी और अंधेरे से परेशान रहते हैं।
जब भी फ़ोन किया जाए तो पावरहाउस के लोग ऐसे अपने आप को दिखाते हैं जैसे बिजली देके वो लोग यहाँ के जनता पर एहसान कर रहे हैं।

इस समस्या का एक स्थायी और सटीक तरीका अगर इन्होंने नही निकाला तो जल्द ही यहाँ के लोग एक ज्ञापन चीफ इंजीनियर को सौपेंगे।
चारों तरफ झुरझुर पड़े तार हर रोज एक नए हादसे को न्यौता दे रहे हैं।
अब समस्त गांव वालों की उम्मीद यहाँ के JE कश्यप जी के साथ हैं अगर वो आगे आकर इस समस्या के लिए इन पावर पॉइंट्स का दौरा कर और तारों के जाल को कम करने का तरीका निकले तो शायद किसान और आज की आम जनता इस रोज रोज की परेशानी से मुक्त हो सके।
गांव में बहुत से बच्चे ऑनलाइन क्लास करते हैं और बहुत से नवजवान ऑनलाइन अपना काम करते हैं , इस मनमानी कटौती के कारण दोनों लोगो को बहुत परेशानी होती हैं।

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